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October 2, 2022

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करहल में अखिलेश यादव के खिलाफ BJP ने एसपी सिंह बघेल पर खेला दांव, मुलायम के रह चुके हैं करीबी

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मैनपुरी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जोरदार घमासान देखने को मिल रहा है. इस बीच आज सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से अपना पर्चा दाखिल किया. इसके कुछ देर बाद भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री और आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल ने भी नामांकन कर दिया है. इसके साथ साफ हो गया है कि भाजपा ने सपा प्रमुख को घेरने के लिए अपने सांसद पर दांव खेला है. इसके अलावा यह भी तय हो गया है कि यूपी की राजनीति में करहल विधानसभा क्षेत्र अब जंग का मैदान बना रहेगा. दिलचस्प बात ये है कि बघेल देश के पूर्व रक्षा मंत्री रहे मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा में तैनात रह चुके हैं.

वहीं, अखिलेश यादव ने अपना नामांकन दाखिल करने के बाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का चुनाव है, ऐतिहासिक परिवर्तन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश खुशहाली के रास्ते पर जाएगा. जो लोग लगातार नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं उनको यहां की जनता सबक सिखाने का काम करेगी. वहीं, उन्‍होंने नामांकन के बाद ट्वीट किया,’ नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूर्ण हुई.मिशन 22 की ओर बढ़ता एक और कदम. बाइस में बाइसिकल!.’

भाजपा ने खेला बड़ा दांव
बहरहाल, इससे पहले ऐसे संकेत मिल रहे थे कि भाजपा मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव (Aparna Yadav) को अखिलेश यादव के खिलाफ मैदान में उतार सकती है. हालांकि आज अचानक बघेल पर्चा भरने पहुंच गए. वैसे करहल विधानसभा सीट से कांग्रेस ने ज्ञानवती यादव और बसपा ने कुलदीप नारायण को प्रत्‍याशी बनाया है.

करहल विधानसभा सीट पर सपा का दबदबा
मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट खास है. सोबरन सिंह यादव लगातार 4 बार से करहल से विधायक हैं. साल 1993 से लेकर आज तक सिर्फ एक बार साल 2002 में यहां सपा को हार का मुंह देखना पड़ा था. समाजवादी पार्टी के बाबूराम यादव साल 1993 और 1996 में करहल से चुनाव जीते. साल 2002 में सोबरन ही भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते. साल 2007 में सपा ने फिर से वापसी की और सोबरन सिंह ही साइकिल के सिंबल पर विधायक बने. वहीं, साल 2017 में भी भाजपा अपनी लहर होने के बावजूद सोबरन सिंह यादव का किला नहीं भेद पाई और वह चौथी बार करहल के विधायक बने. उन्होंने भाजपा की रमा शाक्य को पटखनी दी थी. करहल विधानसभा में साल 2017 में कुल 49.57 फीसदी वोट पड़े थे. सोबरन सिंह यादव को यहां 1 लाख 4 हजार 221 वोट मिले थे. वहीं, भाजपा की रमा शाक्य को 65 हजार 816 वोट मिले थे. जबकि 29 हजार 676 वोट बीएसपी के दलवीर सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे.

करहल में क्या हैं जातीय समीकरण
करहल विधानसभा में करीब 3 लाख 71 हजार वोटर हैं. इसमें यादव वोटरों की संख्या लगभग 1 लाख 44 हजार है, जो कि कुल मतों का 38 फीसदी बैठता है. जबकि 14183 वोटर मुस्लिम हैं. इसके अलावा शाक्य (34946), ठाकुर (24737), ब्राह्मण (14300), लोधी 10833) और जाटव (33688) वोटर्स का भी दबदबा है.

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