दलहन-तिलहन,मशरूम,फूलों की खेती व मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने पर जोर
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रफ़्तार इंडिया न्यूज महराजगंज
रिपोर्ट जर्नलिस्ट्स गुरुचरण प्रजापति महराजगंज-
31/अगस्त 2026 Mon
कृषि विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय,प्रगतिशील कृषकों ने साझा किए अनुभव
दलहन-तिलहन,मशरूम,फूलों की खेती व मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने पर जोर-
महराजगंज,संवाददाता। कृषि विभाग की ओर से सोमवार को जिले के सभी विकास खंडों में एफपीओ एवं प्रगतिशील कृषक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों,कृषि वैज्ञानिकों,एफपीओ प्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीक,कृषि विविधीकरण,जैविक खेती,मशरूम उत्पादन,फूलों की खेती,मधुमक्खी पालन व पराली प्रबंधन पर चर्चा की।
सदर में परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने कहा कि खेत राष्ट्रीय धरोहर हैं,इसलिए मृदा स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। प्राकृतिक कृषि समय की मांग है। किसानों को नवीन तकनीकों को अपनाकर खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाना चाहिए। उन्होंने किसान सम्मान निधि,मृदा स्वास्थ्य कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।



निचलौल में उप कृषि निदेशक संजीव कुमार ने खरीफ के बाद दलहन-तिलहन की खेती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के पोर्टल पर तिलहन बीज की बुकिंग शुरू हो चुकी है। मिठौरा में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सतेन्द्र कुमार ने कृषि विविधीकरण अपनाकर लागत घटाने और आय बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने फूलों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बताया।
पूर्वांचल किसान केला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के संचालक अंगद गुप्ता ने बताया कि संस्था से 680 किसान जुड़े हैं। प्रगतिशील किसान गिरजा शंकर ने छह एकड़ में केले की खेती के साथ डेयरी संचालित करने का अनुभव साझा किया। प्रेम सागर चौधरी ने दो एकड़ सब्जी की खेती से तीन से चार लाख रुपये तक आय की जानकारी दी। वहीं देवेन्द्र मौर्या व रोहित मौर्य ने मशरूम उत्पादन और मनोज कुमार ने जैविक खेती के लाभ बताए।
किसानों ने नहरों की सफाई,मेड़बंदी,जल निकासी,मनरेगा से अभिसरण तथा नीलगाय-बंदरों से फसल क्षति की समस्या उठाई। एफपीओ के माध्यम से सामूहिक उत्पादन,प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देने की मांग की। पशुपालन विभाग के डॉ.वीरेन्द्र सिंह ने पशुओं की दवा, प्रजनन व टीकाकरण की जानकारी दी।
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